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गैसों के नियम (Gases law) |
इस नियम में बताया गया कि सभी आदर्श गैस समान ताप एवं दाब पर सभी गैसों के समान आयतन में अणुओं की संख्या समान होती है. इस नियम को 1811 में इटालियन रसायन वैज्ञानिक Amedeo Avogadro ने बताया था.
स्थिर ताप किसी भी गैस की निश्चित मात्रा का आयतन उसके दाब के व्युँताक्र्मानुपाती होता है. स्थिर ताप पर गैस का दाब बढ़ाने पर आयतन घटता है और दाब घटाने पर आयतन बढ़ता है. इस नियम को R. Boyle ने 1662 में बताया था और इसके बाद में 1676 में E. Mariotte ने भी इसके बारे में जिक्र किया
स्थिर ताप पर किसी भी गैस के निश्चित मात्रा का आयतन उसके परमताप के अनुक्रमानुपाती होता है. (परमताप T= 273० +t०C ). स्थिर ताप पर यदि गैस का ताप बढ़ाया जाए तो उसका आयतन बढ़ता है यदि ताप घटाया जाए तो उसका आयतन घटता है. Jacques Charles के नाम पर इस नियम का नाम दिया गया जो इस पर 1780 से काम कर रहे थे, लेकिन इसके दो सीरीज पर काम करके 1801 में जॉन डाल्टन ने इसके एक्सपेरिमेंट सहित इसको पब्लिक किया था.
बॉयल और चार्ल्स के नियमों के परस्पर संबंधित करने पर जो समीकरण प्राप्त होता है उसे गैस समीकरण कहते हैं.
यदि गैस का एक मोल लिया जाए तो उपयुक्त नियतांक का मान सभी गैसों के समान होता है. इस दिशा में सर्वाधिक गैस नियतांक (यूनिवर्सल गैस कांस्टेंट) कहते हैं तथा R से प्रदर्शित करते हैं अतः एक मॉल गैस के लिए गैस समीकरण-
सामान्य ताप एवं दाब पर विभिन्न गैसों के एक ग्राम अणु का आयतन 22.4 liter होता है और इस 22.4 liter में 6.022 x1023 अणु होते हैं.
गैसों के विसरण का नियम ग्राहम में किया था
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